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प्रिय दोस्तों ! हमारे देश में कई लोग एनीमिया अर्थात खून की कमी के शिकार हैं। खासकर ऐसी महिलाएं जो मासिकधर्म की उम्र मे हो (14 से 45 वर्ष ) उन्हे एनीमिया अर्थात खून की कमी अक्सर होती है क्यूंकी मासिक मे उनके शरीर से खून निकल जाता है । इसके अलावा जिनके शरीर से घाव की वजह से रक्त बह जाता है उन्हे भी एनीमिया हो सकता है।

बादामपट्टी आजकल बाज़ारों मे प्रचुर मात्रा मे उपलब्ध है।आज हम चर्चा करेंगे कि कैसे बादामपट्टी और नींबू पानी हमे एनीमिया से बचा सकता है और हमारे शरीर से खून की कमी को दूर कर सकता है।

बदामपट्टी को बादाम और गुड के मेल से बनाया जाता है। बादाम मे प्रोटीन की मात्रा बहुत अधिक रहती है और गुड मे आइरन पाया जाता है । नींबू के रस मे विटामिन सी की मात्रा पर्याप्त रहती है।

यहाँ हम एक बात बता दें की हम खाने मे जो आइरन लेते हैं वह हमारी छोटी आंत मे विटामिन सी की मदद से अवशोषित होकर हमारे रक्त मे मिल पाता है यदि हम विटामिन सी नहीं लें तो हम जो भी आइरन भोजन मे लेंगे वो आंत से हमारे खून मे नहीं पहुँच पाएगा। तो दोस्तों आइरन के साथ विटामिन सी भी लेना जरूरी होता है।

अब हम चर्चा करेंगे हमारे शरीर मे रक्त के बारे मे। हमारे रक्त अर्थात खून का रंग लाल होता है क्यूंकी इसमे लाल रक्त कोशिकाएं होती हैं। इस प्रकार की कोशिकाएं हमारे शरीर मे सबसे ज्यादा होती हैं। ये कोशिकाएं रक्त के साथ पूरे शरीर मे दौड़ती रहती हैं । इसीलिए हमारे त्वचा मे लाली होती है। जिस व्यक्ति के शरीर मे रक्त या खून की कमी होती है उनके शरीर की त्वचा फीकी दिखती है।

लाल रक्त कोशिकाओं का रंग लाल होता है क्यूंकी इसमे हीमोग्लोबिन होता है । हैमोग्लोबिन के दो हिस्से होते हैं पहला हीम और दूसरा ग्लोबिन। हीम आइरन युक्त रिंग होता है और ग्लोबिन प्रोटीन का बना होता है।

तो दोस्तों हमे अपने भोजन मे आइरन और प्रोटीन चाहिए खून मे हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ाने के लिए। और आइरन हमारे शरीर मे खून तक पहुंचे ,इसके लिए विटामिन सी चाहिए।
अगर हम बादामपट्टी खाते हैं तो गुड का आइरन और बादाम का प्रोटीन मिल जाता है। और इसके तुरंत बाद नींबू पानी पी लेते हैं तो विटामिन सी भी मिल जाता है।
इस प्रकार हम बादामपट्टी और निम्बुपानी से अपना एनीमिया अर्थात खून की कमी को दूर कर सकते हैं। खासकर महिलाओं को इसका सेवन जरूर करना चाहिए।
इसके अलावा विटामिन सी आपको आइरन देने के साथ साथ रोगों से भी रक्षा करता है । बादामपट्टी कि ताशीर गरम होती है । इसलिए जाड़े मे इसका सेवन लाभप्रद है। मकर संक्रांति मे इस तरह कि वस्तुएँ खाई जाती हैं जो कि पूरी तरह से वैज्ञानिक है। हमारे त्योहार मौसमानुकूल खाद्य पदार्थों को बढ़ावा देते हैं जोकि विज्ञान सम्मत भी है।
धन्यवाद, !